VAR (Video Assistant Referee)

फुटबॉल में वीडियो सहायक रेफरी (Video Assistant Referee) तकनीकी क्या है?


फुटबॉल को दुनिया का सबसे लोकप्रिय खेल माना जाता है।लेकिन कई मौकों पर मैच रेफरी द्वारा गलत निर्णय दिए जाते हैं। जिसके कारण इस खेल का मजा अधूरा रह जाता है। इस लेख में हमने बताया है कि किस प्रकार मैच रेफरी वीडियो सहायक रेफरी (Video Assistant Referee) प्रौद्योगिकी की मदद से सही निर्णय देता है.


वीडियो सहायक रेफरी (VAR) प्रौद्योगिकी क्या है?


वीडियो असिस्टेंट रेफरी (VAR) तकनीकी फुटबॉल की नवीनतम तकनीकी है जिसका इस्तेमाल फुटबाल मैच में रेफरी द्वारा खिलाड़ियों को गोल, पेनल्टी किक और रेड कार्ड दिखाने जैसे अन्य निर्णय लेने के लिए किया जाता है।


वीडियो सहायक रेफरी (VAR) तकनीकी का विचार सर्वप्रथम 2010 के आस-पास रॉयल नीदरलैंड्स फुटबॉल एसोसिएशन (KNVB) के पास आया था।


फीफा ने कब शुरू की वीडियो सहायक रेफरी (VAR) तकनीकी...

वर्ष 2017 में दक्षिण कोरिया में फीफा अंडर-20 विश्व कप में VAR तकनीकी का इस्तेमाल किया गया था। FIFA ने आधिकारिक तौर पर फीफा विश्व कप 2018 के लिए VAR के उपयोग को मंजूरी दी थी। इस प्रकार यह पहला टूर्नामेंट था जिसमें फीफा ने आधिकारिक रूप से सभी मैचों और स्थानों पर VAR तकनीकी के प्रयोग की अनुमति दी थी।


फीफा विश्व कप 2018 पूर्ण (सभी मैचों में और सभी स्थानों पर) VAR का उपयोग करने वाली पहली प्रतियोगिता बन गई।



VAR तकनीकी रेफरी को मुख्य रूप से निम्न चार सही फैसले लेने में मदद करती है;


1. गोल के बारे में निर्णय लेना
2. पेनाल्टी किक संबंधी निर्णय
3.  रेड कार्ड दिखाने के निर्णय
4. फ़ाउल प्ले के लिए जिम्मेदार सही खिलाड़ी की सही पहचान के लिए।


आइये इन फैसलों के बारे में एक- एक करके जानते हैं;


1. गोल के बारे में निर्णय लेना


VAR तकनीकी की भूमिका रेफरी को यह निर्धारित करने में सहायता करना है कि क्या किसी खिलाड़ी ने जानबूझकर खेल नियमों का उल्लंघन किया है या नहीं।यदि रेफरी को VAR तकनीकी के माध्यम से पता चलता है कि खिलाड़ी ने जानबूझकर गलत तरीके से गोल (जैसे हैण्ड बॉल) किया है तो वह गोल को मान्यता नहीं देता है।


Hand Ball


2. पेनाल्टी किक देने के फैसले

कई बार खेल के दौरान मैच रेफरी सही स्थिति का आकलन नहीं कर पाता है ऐसी स्थिति में उसे VAR तकनीकी चलाने वाले सहायक रेफरी  सलाह देते हैं कि वीडियो फुटेज में यह चीज दिख रही है। और फिर मैच रेफरी मैदान में ही लगी एक स्क्रीन पर उस घटना को देख सकता है।इसके आधार पर रेफरी निर्णय लेता है कि किस टीम को पेनाल्टी दी जाये या ना दी जाये।


Tackle


3. रेड कार्ड दिखाने के निर्णय हेतु


यदि कोई खिलाड़ी किसी विपक्षी खिलाड़ी को टांग फंसाकर गिराता है, या खेल में किसी और तरीके से किसी खिलाड़ी के खेल को प्रभावित करने की कोशिश करता है तो इस प्रकार के व्यवहार के कारण दोषी खिलाड़ी को रेड कार्ड दिखाकर मैदान के बाहर कर दिया जाता है।

लेकिन ऐसे मामले में VAR तकनीकी रेफरी को सही निर्णय लेने के सहायता करती है।

Red Card Decisions


4. फ़ाउल प्ले के लिए जिम्मेदार सही खिलाड़ी की सही पहचान के लिए


कभी-कभी रेफरी भ्रमित हो जाता है और गलत खिलाड़ी को बाहर भेज देता है, या अनिश्चित होता है कि किस खिलाड़ी को बाहर भेजा जाना चाहिए। VAR तकनीकी रेफरी को सूचित करेगी कि किस खिलाड़ी को चेतावनी दी जाये/सजा दी जाये।


चरण 1: मैदान पर घटना घटित होना


रेफरी; VAR को सूचित करता है, कि इस घटना के बारे में सही जानकारी बताओ या फिर VAR; रेफरी को सलाह देता है कि इस घटना की फुटेज आपको देखना चाहिए।


चरण 2: VAR द्वारा समीक्षा और सलाह


वीडियो फुटेज की समीक्षा वीएआर द्वारा की जाती है, जो हेडसेट के माध्यम से रेफरी को सलाह देता है कि वीडियो में क्या दिख रहा है।


चरण 3: रेफरी द्वारा निर्णय लेना


रेफरी उचित कार्रवाई / निर्णय लेने से पहले खेल के मैदान के किनारे रखे वीडियो टूल पर फुटेज की समीक्षा करता है या कभी-कभी वह VAR तकनीकी की सहायता से भी निर्णय लेता है।

इस प्रकार ऊपर दिए गए विविरण से यह स्पष्ट हो जाता है कि VAR तकनीकी के माध्यम से फुटबाल सहित अन्य खेलों में पारदर्शिता बढ़ी है। ज्ञातव्य है कि फुटबॉल के अलावा इस तकनीक का उपयोग अन्य खेलों जैसे लॉन टेनिस, बैडमिंटन आदि में भी किया जाता है।उम्मीद है कि आने वाले वर्षों में यह तकनीक सही निर्णय लेने में और भी ज्यादा मदद करेगी जिससे खेलों में और भी आनंद बढ़ेगा।





Post a Comment (0)
Previous Post Next Post